Monday, 25 March 2019

Hindi shayari Yarana

जब हमने तुमको बुलाया
तू ना आया पलट के दुबारा
ऐसा क्यों किया तुमने यारा
इतना भी हक़ नही था
तुम पर हमारा
एक गलती में तुमने
कर दिया हमको बेगाना
इतना था नही कच्चा याराना हमारा
अफ़सोस इस बात का है
सुनने से पहले मान लिया तुमने
कसूर हमारा
अब कैसे हम इतरायेंगे

जिसे देख के गुमाँ में
हम रहते थे यारा

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अबके बरस मोहे ऐसो
रंग दीजो की काउ
हुरियारे पे ना बिगड़ू
जो तेरे रंग मोपे चढ़ जावे
तो दूसरों रंग मेरो का बिगाड़े
अरे श्याम तू का मेरे मटकी फोड़ेगो
मैं तो खुद तोकूँ माखन खवावे डोल रई हूँ
जो नेक तू कह देगो , मटकी का में भंडार खोल दूंगी
जो नेक सो है वाय सब टोपे लुटाय दूंगी
एक बार बस मोय बिगाड़ जा श्याम
जाते ये हुरियारे नेक ना बोल पावे
श्याम तेरो तानो देय देय के
ये मोय जरावे

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glam

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